अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, NEET प्रदर्शन पर चर्चा को तैयार सरकार; राहुल गांधी बोले- हमें भाषण नहीं, जवाब चाहिए
नई दिल्ली | 13 अगस्त 2026
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दौर में NEET पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की पेशकश की और कहा कि वह विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर NEET से जुड़े छात्र प्रदर्शनों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और जरूरत पड़ने पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय देने को तैयार है।
हालांकि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार की इस पेशकश को खारिज कर दिया। राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष को गृह मंत्री का भाषण नहीं, बल्कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब चाहिए।
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि सरकार NEET प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि वह सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।
शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि यदि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा चाहता है तो सरकार इसके लिए तैयार है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं है और चर्चा के दौरान सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और विपक्ष की मांग केवल चर्चा कराने की नहीं है। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को “अमित शाह का भाषण नहीं, जवाब चाहिए।” उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में जवाबदेही तय करने और जरूरत पड़ने पर इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।
कांग्रेस की रणनीति में क्या बदला?
इस विवाद की शुरुआत में विपक्ष की प्रमुख मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में इस मुद्दे पर बयान दें और उसके बाद चर्चा हो।
लेकिन अब कांग्रेस ने अपना रुख और कड़ा कर दिया है। पार्टी का कहना है कि केवल चर्चा या बयान पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार ने संसद के शुरुआती दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को गंभीरता से नहीं लिया और अब सत्र समाप्त होने से ठीक पहले चर्चा की पेशकश की जा रही है।
सरकार का पलटवार
सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह पहले से ही चर्चा के लिए तैयार थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील की है।
सरकार का तर्क है कि संसद में किसी भी मुद्दे पर पहले चर्चा होनी चाहिए और उसके बाद संबंधित मंत्री सवालों का जवाब देते हैं।
अमित शाह ने भी विपक्ष से सवाल किया कि अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष चर्चा से पीछे क्यों हट रहा है।
संसद में गतिरोध जारी
NEET प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी विवाद का असर संसद के कामकाज पर भी पड़ा है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है, जबकि सरकार विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रही है।
मॉनसून सत्र के अंतिम चरण में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NEET प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई पर संसद में विस्तृत चर्चा हो पाएगी या यह मुद्दा राजनीतिक टकराव के बीच ही रह जाएगा?
फिलहाल, एक तरफ अमित शाह सभी सवालों का जवाब देने के लिए चर्चा की पेशकश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस इस मामले में केवल चर्चा नहीं बल्कि जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
